नोएडा एयरपोर्ट की उड़ानों पर गृह मंत्रालय का ब्रेक, विदेशी CEO बदलना जरूरी; क्या कहता है नियम?
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गृह मंत्रालय ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए विदेशी सीईओ के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा मंजूरी में देरी होगी, जिसके कारण विमान सेवाओं के शुरू होने में और विलंब होगा।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विदेशी नागरिक सीईओ के पद पर नहीं हो सकता
HighLights
गृह मंत्रालय ने विदेशी सीईओ प्रस्ताव अस्वीकार किया।
सुरक्षा मंजूरी में देरी से उड़ानें होंगी प्रभावित।
भारतीय नागरिक सीईओ पद पर अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान सेवा के शुरू होने में एक और अड़ंगा लग गया है। गृह मंत्रालय ने नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
दरअसल, सुरक्षा नियमों में बदलाव कर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए सीईओ के पद पर विदेशी नागरिक को स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया था।
गृह मंत्रालय के इस निर्णय से एयरपाेर्ट सुरक्षा प्रोग्राम को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो से स्वीकृति मिलने में विलंब होगा। ऐसे में उड़ानों के शुरू होने में ब्रेक तो लगेगा ही। स्विस नागरिक हैं क्रिस्टोफ श्नेलमैन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि.(यापल) के सीईओ पद पर भारतीय नागरिक की नियुक्ति करना जरूरी हो गया है। अभी यापल के सीईओ पद पर क्रिस्टोफ श्नेलमैन की नियुक्ति है जो स्विस नागरिक हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद से संभावना जताई जा रही थी कि एयरपोर्ट से विमान सेवा एक से ड़ेढ़ माह में शुरू हो जाएंगी।
उद्घाटन को तकरीबन एक माह होने जा रहा है, अभी तक नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो से एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम को स्वीकृति नहीं मिली है। इसके लिए यापल से आठ मार्च को ही आवेदन कर दिया था। सीईओ पद पर भारतीय नागरिक की नियुक्ति अनिवार्य
यापल के प्रस्ताव पर नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए सीईओ पद पर विदेशी नागरिक की नियुक्ति को स्वीकृति देने का अनुरोध किया था।
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