कासगंज। उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (UP ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कासगंज के एक सुदूर गांव किलोनी से शहबाज सिद्दीकी नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। महज चौथी पास शहबाज अपनी टूटी-फूटी झोंपड़ी में बैठकर इंस्टाग्राम के जरिए सीधे पाकिस्तानी आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' के कमांडर मोहम्मद उमर के संपर्क में था।
चैट और कॉल डिटेल डिलीट करने के बाद भी पकड़ा गया
मिली जानकारी के अनुसार, शहबाज मजदूरी के पैसों से दो मोबाइल खरीदकर चलाता था। वह जैश कमांडर मोहम्मद उमर से होने वाली चैट और कॉल डिटेल्स को तुरंत डिलीट कर देता था, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, यूपी एटीएस की सतर्क निगाहों से वह बच नहीं सका। एटीएस ने उसके दोनों मोबाइलों से डिलीट किए गए मैसेज और कॉल डिटेल्स को रिकवर कर लिया है और इन्हें साक्ष्य के रूप में सुरक्षित करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया है।
शरिया कानून लागू करने और जिहाद पर करता था चर्चा
पूछताछ में शहबाज ने कबूल किया है कि वह मोहम्मद उमर के साथ इस्लामी जिहाद और शरिया कानून जैसे गंभीर विषयों पर बातचीत और मैसेज का आदान-प्रदान करता था। उसने यह भी बताया कि वह इंस्टाग्राम पर जिहादी गानों के वीडियो और ऑडियो पोस्ट तथा लाइक करता था। शहबाज पूरी दुनिया में इस्लामी हुकूमत और शरिया कानून लागू करने के लिए जंग करने और शहादत देने की बात करता था और वह जैश का सक्रिय सदस्य बनना चाहता था। कासगंज पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, इस मामले में एटीएस आगे की कार्रवाई कर रही है।
मां और चाचा बोले- "हमें कुछ नहीं पता था"
शहबाज की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार में हड़कंप मच गया है। उसकी मां फहमीदा का कहना है कि 18 फरवरी की दोपहर करीब एक बजे एटीएस की गाड़ियां उनके टूटे-फूटे घर के बाहर रुकीं और शहबाज को उठाकर ले गईं। मां के मुताबिक, शहबाज मेहनत-मजदूरी करके पैसे कमाता था और उन्हीं पैसों से उसने दो मोबाइल खरीदे थे। वह परिवार के सामने बहुत कम समय के लिए मोबाइल चलाता था।
वहीं उसके चाचा हारून ने बताया कि शहबाज दिखने में सीधा-साधा लगता था। वह झोंपड़ी में अकेले बैठकर मोबाइल पर किससे जुड़ा था, इसकी जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी। उन्होंने कहा, "हम मजदूरी करने वाले लोग हैं, हमें क्या पता कि कौन जैश-ए-मोहम्मद है और कौन मोहम्मद उमर। जब घर पर पुलिस आई, तब हमें इस बात का पता चला।" शहबाज अपने छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर का बेटा है और भाइयों के साथ मजदूरी करके अपना खर्च चलाता था।
ब्यूरो रिपोर्ट: पंकज पाठक पब्लिक आई न्यूज़ अवागढ़

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