एसएसपी ने थाना प्रभारी अनुज कुमार को कड़े निर्देश दिए हैं कि 15 दिन के भीतर हर हाल में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाए। पुलिस का मुख्य लक्ष्य अगले दो महीने के अंदर फास्ट ट्रैक ट्रायल के जरिए आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाना है। कप्तान ने साफ तौर पर कहा है कि आरोपी को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो समाज में नजीर बनेगी और किसी भी सूरत में जेल से उसकी जमानत नहीं होने दी जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज बनेगा सबसे अहम सबूत
पुलिस की विभिन्न टीमें इस जघन्य हत्याकांड से जुड़े सभी वैज्ञानिक और चश्मदीद साक्ष्यों को तेजी से इकट्ठा करने में जुटी हैं। घटना के समय मासूम बच्चे को जमीन पर बेरहमी से पटकने का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसे पुलिस इस पूरे केस का सबसे अहम और अकाट्य सबूत मान रही है। इसके अलावा आरोपी की कॉल डिटेल और पीड़ित परिवार को दी गई धमकियों को भी साक्ष्य के तौर पर अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
हत्यारोपी विराज की 14 दिन की रिमांड मंजूर
मासूम आरव हत्याकांड के मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक (निवासी शेखपुर, सिविल लाइंस, बदायूं) की रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर कर ली है।
अस्पताल के बेड पर पानी के लिए गिड़गिड़ाया आरोपी
शनिवार रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी, जिससे उसके घाव काफी गहरे हैं। जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने देर रात ही उसे बेहद गुपचुप तरीके से संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद से जिला अस्पताल फिरोजाबाद शिफ्ट कर दिया था। अस्पताल के बेड पर लेटा शातिर कातिल विराज पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के सामने पानी के लिए तड़पता और गिड़गिड़ाता नजर आया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
डॉक्टरों के मुताबिक सोमवार को आरोपी के पैरों का एक्स-रे कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर तय करेंगे कि उसका इलाज फिरोजाबाद जिला अस्पताल में ही संभव है या उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ेगा। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही आरोपी को जिला जेल भेजा जाएगा। फिलहाल वह भारी सुरक्षा के बीच पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती है।
रिपोर्टर: पंकज पाठक (विशेष संवाददाता)

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