लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एटीएस अधिकारी बनकर 75 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर जिया सुल्ताना से 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 1.55 करोड़ रुपये ठग लिए।
प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल से बनाया गया है।
सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर से 1.55 करोड़ की ठगी।
साइबर जालसाजों ने एटीएस अधिकारी बनकर डराया।
सात दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को ही साइबर ठगी के मामलों में पढ़े-लिखे लोगों के शिकार होने पर चिंता जताई थी और मंगलवार को लखनऊ में वैसा ही एक केस सामने आया। साइबर जालसाजों ने एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) अधिकारी बनकर 75 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर को अपना शिकार बनाया।
सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखने के दौरान चार बैंक खातों से 1.55 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। ठगी की जानकारी होने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
ठीक इसी तरह अगस्त 2024 में पीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन को भी इसी तरह डिजिटल अरेस्ट कर रखकर 2.81 करोड़ रुपये ऐंठे थे, जिसमें सात से ज्यादा जालसाजों को जेल भेजा था।
यह है पूरा मामला
राणा प्रताप मार्ग स्थित शाहनजफ इमामबाड़ा कैंपस निवासी डॉ. जिया सुल्ताना प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) से सेवानिवृत्त हैं। पति डॉ. साजिद रजा की काफी पहले मौत हो चुकी है। डॉ. जिया सुल्ताना के मुताबिक 11 अप्रैल को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ मुख्यालय से इंस्पेक्टर आकाश शर्मा बताया।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल से बनाया गया है।
सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर से 1.55 करोड़ की ठगी।
साइबर जालसाजों ने एटीएस अधिकारी बनकर डराया।
सात दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को ही साइबर ठगी के मामलों में पढ़े-लिखे लोगों के शिकार होने पर चिंता जताई थी और मंगलवार को लखनऊ में वैसा ही एक केस सामने आया। साइबर जालसाजों ने एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) अधिकारी बनकर 75 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर को अपना शिकार बनाया।
सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखने के दौरान चार बैंक खातों से 1.55 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। ठगी की जानकारी होने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
ठीक इसी तरह अगस्त 2024 में पीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन को भी इसी तरह डिजिटल अरेस्ट कर रखकर 2.81 करोड़ रुपये ऐंठे थे, जिसमें सात से ज्यादा जालसाजों को जेल भेजा था।
यह है पूरा मामला
राणा प्रताप मार्ग स्थित शाहनजफ इमामबाड़ा कैंपस निवासी डॉ. जिया सुल्ताना प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) से सेवानिवृत्त हैं। पति डॉ. साजिद रजा की काफी पहले मौत हो चुकी है। डॉ. जिया सुल्ताना के मुताबिक 11 अप्रैल को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ मुख्यालय से इंस्पेक्टर आकाश शर्मा बताया।
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